अब सिर्फ गुमाश्ता नहीं चलेगा, व्यापारियों को लेना होगा ट्रेड लाइसेंस
बिलासपुर | शहर में अब बिना ट्रेड लाइसेंस के कोई भी व्यापार नहीं चल सकेगा. नगर निगम ने ठेला-गुमटी से लेकर बड़े होटल, रेस्टोरेंट और मॉल तक सभी व्यवसायों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य करने का फैसला लिया है. लाइसेंस नहीं बनवाने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अब तक कई व्यापारी सिर्फ गुमाश्ता लाइसेंस के सहारे अपना काम चला रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा संभव नहीं होगा. निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हर प्रकार के व्यवसाय को अब नियमों के दायरे में लाया जाएगा|
दुकानों का कराया जाएगा सर्वे
नगर निगम सीमा में करीब 30 हजार दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 30 प्रतिशत व्यापारियों के पास ही वैध ट्रेड लाइसेंस है. बड़ी संख्या में व्यापारी बिना लाइसेंस के ही कारोबार कर रहे हैं, जिससे निगम को टैक्स के रूप में भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए निगम ने सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। निगम की टीमें अब सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों का सर्वे करेंगी. जिनके पास लाइसेंस नहीं होगा, उन्हें तत्काल नया ट्रेड लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होगा|
ठेले-गुमटी भी आएंगे नियम के दायरे में
नई व्यवस्था के तहत अब अस्थायी दुकानें, ठेले और गुमटी संचालक भी बिना ट्रेड लाइसेंस के कारोबार नहीं कर सकेंगे. पहले इन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें भी लाइसेंस प्रणाली में शामिल किया जा रहा है. इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियों को नियमित किया जा सकेगा, बल्कि अव्यवस्थित बाजार व्यवस्था पर भी नियंत्रण होगा|

रामलला दर्शन योजना : रायगढ़ से 112 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना
ऊर्जा संरक्षण और सादगी जीवन का आधार- वन मंत्री केदार कश्यप
सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनें विश्वविद्यालय : मंत्री परमार
कौशल विकास गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार : मंत्री टेटवाल
नगर पालिका जांजगीर-नैला एवं ग्राम पंचायत परसाही (नाला) में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित
सुशासन तिहार बना ग्रामीण महिलाओं की नई ताकत
आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा दो बोलेरो कैम्पर वाहन का प्रदाय एवं बाघ का किया अंगीकरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य मंत्री जायसवाल के पुत्र के विवाह समारोह में हुए शामिल
शासन के मिशन मोड में किए जाने वाले कार्यों की हुई समीक्षा
78 साल बाद गारपा गांव में हुआ उजाला, दुर्गम वनांचल तक पहुँची बिजली