बाजार में बड़ी बिकवाली, सेंसेक्स धड़ाम; निफ्टी भी 24000 से फिसला
मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और खर्चों में कटौती की अपील के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त हड़कंप मच गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि सेंसेक्स करीब 900 अंकों तक गोता लगा गया, वहीं निफ्टी भी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 23,950 के करीब आ गया।
बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों के बीच घबराहट साफ देखी गई। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री की अपील ने आग में घी का काम किया। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 845.68 अंक गिरकर 76,482.51 पर आ गया, जबकि निफ्टी 237.90 अंक टूटकर 23,936.85 के स्तर पर पहुंच गया। वॉल स्ट्रीट से मिले कमजोर संकेतों और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार पूंजी निकालने से बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया।
पीएम की अपील का असर: ज्वैलरी शेयरों में भारी गिरावट
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए अनावश्यक विदेश यात्राओं, डेस्टिनेशन वेडिंग और कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने का अनुरोध किया था। इस बयान का सीधा असर आभूषण क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों पर पड़ा। सेन्को गोल्ड के शेयर लगभग 9% तक टूट गए, वहीं कल्याण ज्वैलर्स में 7.43% और टाइटन के शेयरों में 5% से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पीसी ज्वैलर के शेयरों में भी करीब 4% की कमजोरी देखी गई।
डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
विदेशी मुद्रा बाजार में भी सोमवार को स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और शांति प्रस्तावों के खारिज होने के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 139 पैसे की भारी गिरावट के साथ 94.90 के स्तर पर आ गया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा बाजार से भारी मात्रा में पैसा निकालने और डॉलर के मजबूत होने से भारतीय मुद्रा पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल के आयात बिल पर पड़ेगा।
महंगाई का खतरा: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आहट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री का संबोधन ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों की ओर इशारा करता है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का मासिक घाटा 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की जा सकती है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) में बाधाओं के कारण आने वाले दिनों में महंगाई की दर और अधिक बढ़ सकती है।

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