जबलपुर | 87 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराज़गी जताई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब आरोपी लगातार सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय दिखाई दे रहा है, तो फिर पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही है।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि आरोपी लंबे समय से फरार है, लेकिन वह नियमित रूप से ऑनलाइन गतिविधियों में सक्रिय रहता है। इसके बावजूद पुलिस उसे पकड़ने में विफल रही है। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल ट्रैकिंग के इस दौर में भी यदि आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है, तो यह जांच एजेंसियों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और इस संबंध में उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आरोपी की लोकेशन ऑनलाइन माध्यम से ट्रेस की जा सकती है, तो पुलिस को तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना चाहिए।

इस मामले ने पुलिस की कार्यशैली और जांच की गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा सकता है।

मामले की अगली सुनवाई तय तारीख पर होगी, जिसमें पुलिस से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है।