रफ़्तार और प्रकृति का संगम: PM मोदी ने किया ₹12,000 करोड़ के दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का आगाज़
देहरादून/नई दिल्ली: भारत के सड़क अवसंरचना (Infrastructure) क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के देहरादून में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भव्य उद्घाटन किया। ₹12,000 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार यह छह-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे देश के आधुनिक विकास की नई पहचान बनकर उभरा है।
मुख्य बातें:
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दूरी और समय: 213 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, दिल्ली से देहरादून का सफर अब 6 घंटे के बजाय मात्र 2.5 घंटे में।
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कनेक्टिविटी: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी; हरिद्वार के लिए विशेष स्पर मार्ग।
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पर्यावरण: राजाजी नेशनल पार्क में एशिया का सबसे लंबा (12 किमी) एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर।
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सुविधाएं: 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज और यात्रियों के लिए 12 वे-साइड एमिनिटीज।
सफर में 60% समय की बचत
इस कॉरिडोर का सबसे क्रांतिकारी पहलू यात्रा के समय में होने वाली भारी कमी है। पहले यात्रियों को दिल्ली से देहरादून पहुँचने में 6 से 6.5 घंटे का समय लगता था, जो अब घटकर मात्र ढाई से तीन घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएगा बल्कि ईंधन की खपत को कम कर प्रदूषण घटाने में भी सहायक होगा।
तीर्थाटन और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे "ऐतिहासिक दिन" बताते हुए कहा कि यह कॉरिडोर उत्तराखंड के चारधाम हाईवे नेटवर्क से जुड़ता है। इससे ऋषिकेश, हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख हिल स्टेशनों तक पहुंचना अब बेहद आसान होगा, जिससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
"यह एक्सप्रेसवे देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह न केवल रफ़्तार देगा बल्कि क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल देगा।"
— नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री
वन्यजीव संरक्षण: विकास और पर्यावरण का संतुलन
परियोजना में पारिस्थितिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने सहारनपुर में वन्यजीव कॉरिडोर खंड का विस्तृत निरीक्षण किया। राजाजी नेशनल पार्क की संवेदनशीलता को देखते हुए यहाँ कई आधुनिक उपाय किए गए हैं:
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12 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर: वन्यजीवों के निर्बाध आवागमन के लिए एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड सेक्शन।
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एलीफेंट अंडरपास: हाथियों के लिए 200-200 मीटर के दो समर्पित मार्ग।
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आधुनिक सुरंग: दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण।
इंजीनियरिंग का कमाल
इस पूरे प्रोजेक्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और 4 बड़े पुल शामिल हैं। यात्रियों की थकान मिटाने के लिए हर कुछ दूरी पर 12 आधुनिक वे-साइड सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, जहाँ खान-पान और आराम की व्यवस्था उपलब्ध है।

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